आम तौर पर यदि आपका सिबिल स्कोर 750 या इससे अधिक है तो ज्यादातर मामलों में लोन मिल जाता है।लेकिन यदि आपका सिबिल स्कोर 750 से कम है तो आपको लोन लेने में दिक्कत आ सकती है लेकिन फिर भी लोन मिल सकता है वो कैसे जानने के लिए यह आर्टिकल पूरा पढ़े और समझें।

आज के इस टेकनोलोजी के जमाने में कोई भी आम आदमी अपने free credit score को online check कर सकता है।
इसलिए हम इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे है की यदि आप लोन के लिए अप्लाई करते है तो सिबिल स्कोर क्या होता है और सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए (CIBIL Score for Home Loan) और एक मात्र सिबिल स्कोर लोन मिलने की संभावनाओ को कितना असर कर सकता है।
और हम यह भी बता रहे है की यदि आपका Credit Score कम है तो आपका सिबिल स्कोर कैसे चेक करें , सिबिल स्कोर को कैसे बढ़ा सकते है सिबिल स्कोर कैसे सुधारे। इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हमारा यह लेख CIBIL Score क्या है पढ़ना होगा. तो चलिए दोस्तों बिना देरी किये लोन सिबिल स्कोर क्या है के बारे मे विस्तार से जान लेते है।
सिबिल स्कोर क्या है (What is CIBIL Score in Hindi)
CIBIL का Full form है Credit Information Bureau of India Limited. क्रेडिट स्कोर 3 अंकों की एक संख्या होती है। जो कि किसी व्यक्ति की उधार पात्रता और credit history को represent करती है।
दोस्तों देखा जाए तो देश में टोटल चार क्रेडिट ब्यूरो की संस्थाए काम करती है।जिसमे ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्वीफैक्स, क्रिफ हाईमार्क और एक्स्पेरियन।ये सभी संस्थाए अपने मापदंड के अनुसार सभी का क्रेडिट रिपोर्ट बना सकते है।और इस क्रेडिट रिपोर्ट के सारांश को ही हम क्रेडिट स्कोर (Credit Score) के नाम से जानते है।
दोस्तों आपको भी पता ही है की जितने अच्छी क्रेडिट रिपोर्ट होगी।उतना ही अच्छा और ज्य़ादा आपका क्रेडिट स्कोर होगा।
TransUnion CIBIL भारत की प्रमुख Credit Information Companies में से एक है। यह सबसे लोकप्रिय है, जिसकी रिपोर्ट एकदम अक्यूरेट मानी जाती है।
भारत में ज्यादातर लोग अपने क्रेडिट स्कोर को जानने के लिए इसी क्रेडिट ब्यूरो का इस्तेमाल करते है। ट्रांसयूनियन सिबिल ब्यूरो की जो क्रेडिट रिपोर्ट आती है उसको ही सिबिल रिपोर्ट कहा जाता है।और उस रिपोर्ट का क्रेडिट स्कोर(Credit Score) को ही सिबिल स्कोर(cibil score) कहा जाता है। तो दोस्त अब आप समज ही गए होंगे की सिबिल रिपोर्ट और सिबिल स्कोर और Credit Score क्या होता है।
CIBIL Score और Credit Score में क्या अंतर है?
CIBIL Score और Credit Score को अक्सर लोग एक ही समझ लेते है, लेकिन देखाजाए तो दोनों में थोड़ा अंतर जरूर है। कैसे? चलो समज लेते है|
Credit Score एक सामान्य term है, जबकि CIBIL Score “TransUnion CIBIL” द्वारा दिया जाने वाला credit score है।
भारत में एक से ज्यादा Credit Information Companies काम करती हैं और प्रत्येक कंपनी अपनी credit information के आधार पर credit report और score उपलब्ध करा सकती है।
इसलिए हर Credit Score को CIBIL Score कहना technically सही नहीं है।
उदाहरण के लिए:
अगर किसी X व्यक्ति की credit information Experian की report में है, तो उसे Experian Credit Score कहा जाएगा।
और यदि इसी X व्यक्ति की क्रेडिट रिपोर्ट TransUnion CIBIL कंपनी से मिलती है तो उसे “CIBIL Score” कहा जाता है।
भारत में Credit Information Companies कौन-कौन सी हैं?
दोस्तों आपको बता दे की यह सभी कंपनिया है जो सभी व्यक्तिओ और सभी कंपनियों की credit history को इकठ्ठा करके.उस जानकारी पर analysis करती है.और हर एक का अलग अलग credit report बनाती है.इन कंपनियों को हम क्रेडिट ब्यूरो के नाम से जानते है.
अब आपको यह सवाल भी होता होगा की इन कंपनियों को आपकी credit history की जानकारी कोन देता होगा.तो दोस्तों हम आपको बता दे की क्रेडिट हिस्ट्री की जानकारी इन कंपनियों को बैंक और लोन संस्थाए(lender) मुहैया कराती है.
भारत में बहुत सारी संस्थाए क्रेडिट ब्यूरो का कार्य करती है.जिसमे 4 संस्थाए मुख्य है जो लोगो की credit history को analysis करके credit score मुहैया कराती है.
| भारत की क्रेडिट ब्यूरो कंपनी का नाम | स्थापना |
| ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड (TransUnion Cibil Limited) | सन 2000 |
| Experian (एक्स्पेरियन) | सन 2006 |
| CRIF Highmark | सन 2010 |
| Equifax (इक्विफैक्स) | सन 2010 |
CIBIL Score की Range कितनी होती है?
आम तौर पर CIBIL Score 300 से 900 के बीच होता है। जैसे score जितना मजबूत होता है, वैसे आपकी credit profile उतनी बेहतर मानी जा सकती है।
यहाँ एक टेबल के जरिये आप आसान तरीके से इसे समझ सकते हैं:
| सिबिल स्कोर रेंज(Credit Score) | रेटिंग |
| 300-500 | खराब |
| 550-650 | औसत |
| 650-750 | अच्छा |
| 750-900 | उत्कृष्ट(सबसे बेहतरीन) |
Note: यह table केवल सामान्य समझ के लिए दिया गया है। किसी particular score पर कोई भी loan मिलेगा या नहीं, यह केवल cibil score से तय नहीं होता। बल्कि अलग-अलग बैंक और NBFC अपने lending criteria के हिसाब से निर्णय लेते हैं की ग्राहक को लोन दिया जाए या नहीं।
कितना CIBIL Score अच्छा माना जाता है?
दोस्तों आम तौर पर 750 या उससे ऊपर का CIBIL Score अच्छा माना जाता है। ऐसा score आपकी credit profile को मजबूत दिखा सकता है और loan या credit card के लिए आवेदन करते समय अच्छा मददगार साबित हो सकता है।
लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं समज लेना चाहिए है कि 750 से कम score होने पर आपको loan नहीं मिलेगा। इसी तरह 750 से ज्यादा score होने पर loan approval की guarantee भी नहीं हो सकती।
मान लीजिए किसी X व्यक्ति का CIBIL Score 730 है, लेकिन उसकी income अच्छी है, existing liabilities कम हैं और repayment capacity भी ठीक है।
वहीं किसी दूसरे Y व्यक्ति का score 780 है, लेकिन उसकी income या existing debt lender की requirement के मुताबिक नहीं है। ऐसे में दोनों applications का फैसला अलग हो सकता है।
इसलिए CIBIL Score को loan approval का अकेला आधार समझना सही नहीं है।लोन approval में कई सारे अन्य फेक्टर भी देखे जाते है|
CIBIL Score कैसे बनता है?
CIBIL Score किसी एक चीज से नहीं बनता। आपकी credit history में payment behaviour और credit accounts से जुड़ी कई बातें इसमें भूमिका निभाती हैं। जो इस तरह है:
Payment History
आपने अपने loan की EMI और credit card bills समय पर चुकाए हैं या नहीं, इसका आपकी credit profile पर काफी असर पड़ सकता है।
अगर payments लगातार समय पर होती हैं, तो यह आपके credit behaviour को बेहतर दिखाती हैं। वहीं payment में delay या default आपकी credit profile के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इसलिए EMI या credit card bill की due date को हल्के में न लें।
Credit Utilisation
Credit card की कुल limit में से आप कितना इस्तेमाल करते हैं, इसे credit utilisation कहा जाता है।
उदाहरण के लिए आपके credit card की limit ₹1 लाख है और आपने ₹40,000 का इस्तेमाल किया है, तो utilisation 40% होगा।
बहुत ज्यादा credit utilisation आपकी credit profile के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए कोशिश करें कि credit card की पूरी limit हर महीने इस्तेमाल करने की आदत न बने।
Credit History
आपकी credit history कितनी पुरानी है और आपने अब तक credit को किस तरह manage किया है, यह भी महत्वपूर्ण है।
अगर पुराने credit accounts अच्छी तरह maintain किए गए हैं, तो वे आपकी credit history को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
Credit Mix
आपके credit profile में अलग-अलग प्रकार के credit accounts हो सकते हैं, जैसे secured और unsecured loans।
हालांकि केवल score बढ़ाने के लिए नया loan लेना समझदारी नहीं है। Credit mix से ज्यादा जरूरी यह है कि आप अपने मौजूदा credit को सही तरीके से manage करें।
Credit Enquiries
जब आप loan या credit card के लिए आवेदन करते हैं और lender आपकी credit report check करता है, तो enquiry की संख्या 1 दर्ज हो सकती है।
कम समय में कई जगह loan applications करने से आपकी credit report में multiple hard enquiries दिखाई दे सकती हैं। इसलिए जरूरत के बिना एक साथ कई lenders के पास application करना ठीक नहीं है।
तो दोस्तों इस तरह इन सभी चीजों को एनालिसिस करके यु क्रेडिट स्कोर(Credit Score) बनता है।
CIBIL Score कैसे चेक करें?
अपना CIBIL Score जानने के लिए आप इस स्टेप्स को फॉलो करे:
Step 1: सबसे पहले TransUnion CIBIL की official website cibil.com पर जाएं।
Step 2: वेबसाइट पर Free CIBIL Score & Report से संबंधित विकल्प पर क्लिक करें।
Step 3: अब आपको account बनाने या login करने के लिए कहा जा सकता है। मांगी गई जानकारी जैसे नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और PAN आदि भरें।
Step 4: अपनी पहचान और मोबाइल नंबर/ईमेल का verification पूरा करें। इसके लिए OTP मांगा जा सकता है।
Step 5: Verification पूरा होने के बाद अपने CIBIL account में login करें।
Step 6: Dashboard में जाकर उपलब्ध CIBIL Score और CIBIL Report देखें।
Note : Report को ध्यान से देखें और यह जांच करे कि आपके नाम पर दिख रहे loan, credit card, payment history और enquiries की जानकारी सही है या नहीं।
एक और बात याद रखें: अपना CIBIL Score खुद check करने से आम तौर पर loan application वाली hard enquiry नहीं बनती। इसलिए अपनी credit report को समय-समय पर देखना जरूरी हो तो उसे check करने से डरने की जरूरत नहीं है।
CIBIL Report कैसे पढ़ें?
सिबिल रिपोर्ट(Credit Score) ग्राहक की कम्प्लीट जानकारी की रिपोर्ट होती है।जिसमे आपकी क्रेडिट व्यवहार के इतिहास का विस्तृत जानकारी होती है।इस पुरे सिबिल रिपोर्ट को कई भागो में विभाजित किया जाता है।
जिसमे आपकी व्यक्तिगत(personal information) की पूरी जानकारी,आपके संपर्क(contact details) की पूरी जानकारी,आपके रोजगार और नौकरी(employment information) की पूरी जानकारी,आपके कम्प्लीट सिबिल स्कोर(credit accounts) की जानकारी,आपके खाता(payment history) की जानकारी और आपके साथ कोई पूछताछ(credit enquiries) हुयी है तो उसकी जानकारी होती है।
दोस्तों Cibil Report पढ़ते समय सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए कि:
- आपका नाम और personal details सही हैं या नहीं।
- आपके नाम पर दिख रहे loan और credit card accounts सही हैं या नहीं।
- किसी account में गलत overdue या payment status तो नहीं दिख रहा।
- आपकी payment history में कोई ऐसी entry तो नहीं है जिसे आप पहचानते नहीं हैं।
- हाल की credit enquiries में कोई ऐसी enquiry तो नहीं है जिसके लिए आपने आवेदन ही नहीं किया।
- क्या आपके अकाउंट में किसी फ्रॉड लोन तो नहीं चल रहा? यह भी देखना जरुरी है।
Note : अगर report में कोई अनजान account या गलत जानकारी दिखाई देती है, तो उसे नजरअंदाज न करें।और तुरंत अपनी बैंक या सिबिल कंपनी को कंप्लेंट करे।
CIBIL Report और CIBIL Score में क्या अंतर है?
| सिबिल रिपोर्ट | सिबिल स्कोर |
| सिबिल रिपोर्ट ग्राहक की कम्प्लीट जानकारी की रिपोर्ट होती है।जिसमे आपकी क्रेडिट व्यवहार के इतिहास का विस्तृत जानकारी होती है।जिसमे आपके क्रेडिट कार्ड के लेनदेन की जानकारी,लोन अकाउंट की जानकारी,या आपके ऊपर कोई पहले जांच हुयी हो तो उसकी जानकारी,आपकी पर्सनल जानकारी,पता,नौकरी या रोजगार की जानकारी होती है। | सिबिल स्कोर(Credit Score) आपकी सिबिल रिपोर्ट में लिखी 3 अंको की संख्या है।जो 300 से लेकर 900 के बिच होती है।यह स्कोर आपकी लों लेने की पात्रता,आपका क्रेडिट इतिहास और भुगतान के आधार पर बनती है। |
| सिबिल रिपोर्ट में आपके क्रेडिट व्यवहार के इतिहास के आखिरी 36 महीने का पूरा हिसाब शामिल होता हैं। | सिबिल स्कोर ग्राहक के पिछले 24 महीनो के क्रेडिट व्यवहार के इतिहास पर आधारित है। |
| यह आपकी विस्तृत जानकारी का दस्तावेज है। | इस में मात्र सिबिल स्कोर लिखा हुआ होता है। |
इसलिए केवल score देखकर रुकने के बजाय समय-समय पर पूरी credit report देखना ज्यादा उपयोगी होता है।
क्रेडिट रेटिंग,क्रेडिट रिपोर्ट व क्रेडिट स्कोर के बीच क्या अंतर है?
दोस्तों देखा जाए तो इन तीनो शब्दों का मतलब हमें एक जैसा लगता है।और हम भ्रमित हो जाते है।लेकिन यह तीनो शब्द का मतलब अलग अलग होता है।चलिए हम बड़ी आसानी से आपको समजा देते है।
| क्रेडिट रिपोर्ट | क्रेडिट रेटिंग | क्रेडिट स्कोर |
| क्रेडिट रिपोर्ट आपके फिनांस के व्यवहारों का दस्तावेज है।जिसमे सभी लोन और क्रेडिट की जानकारी होती है। | यह निजी तौर पर किसी संस्था को दिए गए CIBIL Score होते है। | क्रेडिट स्कोर(Credit Score) आपके क्रेडिट अंको को दर्शाता है।यह क्रेडिट रिपोर्ट का ही 3 अंको का संख्या सूचक है। |
| इस रिपोर्ट में आपकी जानकारी लगभग 7 सालो तक रहती है।उसके बाद बदल जाती है। | क्रेडिट रेटिंग समय समय पर चेंज होता रहता है। | क्रेडिट स्कोर 30 से 45 दिनों के बाद चेंज होता रहता है। |
| क्रेडिट रिपोर्ट आपकी सालो की जानकारी का विस्तृत माहिती से भरा दस्तावेज है। | क्रेडिट रेटिंग एएए, एए, बी+, ए+ में दर्शाई जाती है। | यह क्रेडिट स्कोर 300-900 के बीच में चेंज होता रहता है। |
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CIBIL Score कम क्यों होता है?
CIBIL Score कम होने के पीछे एक नहीं, कई कारण हो सकते हैं। कुछ सामान्य कारण हैं:
- EMI या credit card bill का payment देर से करना।
- Loan या credit card payment में default होना।
- Credit card limit का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना।
- कम समय में कई loan या credit card applications करना।
- Credit report में गलत जानकारी होना।
- Existing loans और credit accounts को ठीक से manage न करना।
कई बार व्यक्ति को लगता है कि उसने payment समय पर की है, फिर भी score कम दिखाई दे रहा है। ऐसी स्थिति में credit report को ध्यान से देखना चाहिए। हो सकता है कि report में कोई गलत entry या ऐसी enquiry दिखाई दे जिसे आपने initiate नहीं किया हो।
CIBIL Score कैसे बढ़ाएं?
अगर आपका CIBIL Score कम है, तो इसे सुधारने के लिए कोई overnight तरीका नहीं है। Credit score आपकी credit behaviour और history से जुड़ा होता है, इसलिए सुधार में समय लग सकता है। लेकिन आप निचे लिखी गयी बातो का ध्यान रखोगे और अमल करोगे तो आपका आपका सिबिल स्कोर बढ़ जाएगा।
लेकिन दोस्तों यदि आपका क्रेडिट स्कोर(Credit Score) 750 से कम है और आपको लोन लेने में किसी भी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो टेंशन लेने की बात नहीं है।क्योकि हम आपको यहाँ बता रहे है की आप अपना सिबिल स्कोर कैसे सुधार सकते है।
आप अपना क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ा सकते हो(cibil score kaise badhaye)।तो चलिए बिना देरी किये जान लेते है(how to improve cibil score)
इएमआई का समय पर भुगतान : यदि आपने कोई लोन ले रखी है तो उस लोन का भुगतान समय पर कर देना चाहिए।जिससे आपकी क्रेडिट स्कोर बढ़ जायेगी।
इएमआई भुगतान की अवधि : दोस्तों जब भी आप लोन लेते हो और यदि आप इएमआई भुगतान की अवधि को लंबा रखते है।तो उसकी मदद से आपका इएमआई भी कम आयेगा।और आप अपने इएमआई को समय पर चुका पायेंगे जिससे आपका बैंक में लेन देन का रेकोर्ड अच्छा रहेगा और आपका क्रेडिट स्कोर(Credit Score) बढेगा।
क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान : यदि आपने किसी बैंक से क्रेडिट कार्ड ले रखा है और तो उस क्रेडिट कार्ड को कही आप यूज करते है तो उस बिल को समय पर पे करने से आपका CIBIL Score में बढ़ोतरी हो जायेगी।
पुराने क्रेडिट कार्ड को बंध ना करवाए : यदि आप अपने पुराने क्रेडिट कार्ड को बांध करवा देते है तो आपका क्रेडिट स्कोर एकदम से काफी कम हो सकता है।इसलिए कभी भी अपना क्रेडिट कार्ड को बांध ना करवाए।क्योकि उस क्रेडिट कार्ड से भी आपके क्रेडिट रिपोर्ट में काफी हिस्टरी बनी होगी।
हर महीने अपने क्रेडि कार्ड रिपोर्ट करना : दोस्तों यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड रिपोर्ट को हर महीने चेक करते है तो क्रेडिट स्कोर कम हो रहा है तो आपको पता चल जाएगा की किस कारण से क्रेडिट स्कोर कम हो रहा है।जिसकी मदद से आप अपनी गलती को सुधारके क्रेडिट स्कोर(Credit Score) को बढ़ा सकते हो।
क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो को कम रखें: सबसे पहले यह जानना जरुरी है की क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो होता क्या है।इसका मतलब हैकि यदि आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है।और उसमे से आप 50 हजार रुपया खर्च करते है तो आपका क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो 50% होगा।
अक्सर यह सलाह दी जाती है की आप अपना क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो 30% से ज्यादा ना बढाए।यह करने से आपका CIBIL Score बहेतर हो जाएगा।
एक ही समय पर एक से ज्यादा लोन के लिए आवेदन ना करे : जब भी आप लोन के लिए आवेदन करते है तो बैंक या लोन संस्थान ग्राहक की Credit Report देखने के लिए क्रेडिट ब्यूरो में हार्ड-इन्क्वायरी करते है।
दोस्तों हार्ड-इन्क्वायरी करने से आपके क्रेडिट स्कोर से कुछ पॉइंट कम हो जाते है।यदि आपने कई जगह से बेंको द्वारा हार्ड-इन्क्वायरी करी जायेगी तो आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है।इसीलिए कहा जाता है की एक ही समय पर एक से ज्यादा लोन के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए।
लोन लेने से पहले किस बातो का ध्यान रखे :
लोन लेने से पहले आपको यह ध्यान रखना है की आपको अपना क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर लेना है।यदि आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो आपका लोन का आवेदन केंसल हो सकता है।इसलिए Credit Score कम है तो उन्ही बैंको में आवेदन करे जो कम क्रेडिट स्कोर पर भी लोन प्रदान करते हो।
दूसरी बात यह ध्यान रखे की जब भी आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट निकलवाये तब यह जांच करले की कोई गलत जानकारी आपके क्रेडिट रिपोर्ट में है तो नहीं।यदि है तो उस गलती को तुरंत क्रेडिट ब्यूरो को बताये।और अपनी गलती को सुधारे।उसके बाद ही लोन के लिए आवेदन करे।
और आगे हमने बाताये अनुसार एक से ज्यादा बेंको में लोन के लिए आवेदन ना करे।बस यही सब बाते आपको ध्यान रखनी है जब आप लोन के लिए आवेदन कर रहे हो।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है, वित्तीय सलाह के लिए अपने बैंक या एक्सपर्ट से संपर्क करें।
कम CIBIL Score पर Loan मिल सकता है?
हाँ, कम CIBIL Score होने पर भी loan मिल सकता है। लेकिन इसकी कोई guarantee नहीं होती।
Loan approval बैंक/लोन देने वाली संस्था (lender) की policy और आपकी पूरी financial profile पर निर्भर करता है। इसमें income, नौकरी या business की stability, existing loans, repayment capacity, loan amount और कई दूसरी बातें देखी जा सकती हैं।
इसलिए अगर आपका score 750 से कम है, तो यह मान लेना कि आपको loan मिलेगा ही नहीं, सही नहीं है।
हाँ, कम score होने पर कुछ lenders का risk assessment अलग हो सकता है और loan की terms भी applicant की profile के अनुसार बदल सकती हैं।
इसलिए कई मामलो में कम सिबिल स्कोर पर भी लोन मिल सकता है और कभी कभी ऐसा भी हो सकता है की ज्यादा सिबिल स्कोर होने पर भी लोन ना मिले ।
CIBIL Score का Loan Approval पर क्या असर होता है?
जी हां बिलकुल प्रभावित करता है।क्योकि जब भी आप लोन के लिए किसी भी बैंक या लोन संस्थान में आवेदन करते है तो बैंक वाले सबसे पहले आपका CIBIL score ही चेक करते है।क्रेडिट स्कोर(Credit Score) को देखने के बाद बैंक को यह पता चल जाता है की आप लोन लेने के लिए सही है या नहीं।
CIBIL Score loan application में एक important factor हो सकता है, लेकिन यह अकेला factor नहीं है।
Lender आपकी credit history के साथ-साथ income, existing debt, employment/business profile और repayment capacity जैसी चीजों को भी देख सकता है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि बैंक सबसे पहले सिर्फ CIBIL Score देखकर loan approve या reject कर देता है।
एक अच्छा credit score आपकी profile को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन loan approval की guarantee नहीं देता।
CIBIL Report में गलत जानकारी हो तो क्या करें?
अगर आपकी CIBIL Report में ऐसा loan account, enquiry, personal information या payment status दिखाई दे रहा है जो गलत है, तो उसे लेकर dispute raise किया जा सकता है।
→सबसे पहले अपनी report में गलती को ठीक से पहचानें।
→इसके बाद TransUnion CIBIL की official dispute process का इस्तेमाल करें।
→जरूरत पड़ने पर उस bank या financial institution से भी संपर्क करें जिसने वह information report की है।
CIBIL Score -1 क्यों दिखाई देता है?
कभी-कभी किसी व्यक्ति को CIBIL Score की जगह -1 या इसी तरह का status दिखाई दे सकता है।
CIBIL Score -1 दिखाई देने के संभावित कारण यह भी हो सकते है:
♣ उस व्यक्ति के लिए score calculate करने के लिए पर्याप्त recent credit information उपलब्ध नहीं है।
♣ यह स्थिति उन लोगों में देखने को मिल सकती है जिनकी credit history बहुत कम है या
♣ जिन्होंने अभी तक पर्याप्त credit activity नहीं की है।यानी अभी तक कोई लोन या क्रेडिट कार्ड ट्रांसेक्शन नहीं किये हो
इसलिए -1 को सीधे “खराब CIBIL Score” समझना सही नहीं है।
अगर आपके account में ऐसा status दिखाई दे रहा है, तो अपनी CIBIL Report और official explanation को देखना बेहतर रहेगा।
अच्छा क्रेडिट स्कोर से कम ब्याज दरों पर लोन मिल सकती है क्या?
जी हां दोस्तों यदि आपका CIBIL Score 750 से ज्यादा है तो कई बैंक और लोन संस्थान आपको कम ब्याज पर लोन प्रदान कर सकते है।
क्या सिबिल स्कोर ना होने पर लोन मिल सकता है?
दोस्तों सिबिल स्कोर ना होने पर आपको लोन मिलना काफी मुश्कित हो जाता है।लेकिन कई बैंक उन लोगो को भी लोन दे देते है जिनकी अच्छी खासी नौकरी हो,नौकरी में स्थिरता हो,अच्छी खासी इनकम का स्त्रोत हो।पर नुकसान सिर्फ यह है की बैंक (Credit Score) बिना लोन तो देते है लेकिन ब्याजदर को बढ़ा देते है।
अन्य लेख पढ़े:
क्या 750 CIBIL Score अच्छा है?
हाँ, 750 के आसपास या उससे ऊपर का score आम तौर पर अच्छा माना जाता है, लेकिन loan approval केवल score के आधार पर तय नहीं होता।
CIBIL Score 650 होने पर क्या Loan मिल सकता है?
हाँ, कुछ lenders कम score वाले applicants को भी loan दे सकते हैं, लेकिन approval lender की policy और आपकी पूरी financial profile पर निर्भर करेगा।
CIBIL Score कैसे बढ़ाया जा सकता है?
EMI और credit card bills समय पर भरें, credit utilisation को नियंत्रित रखें, अनावश्यक loan applications से बचें और अपनी credit report में गलत जानकारी होने पर उसे ठीक करवाएं।
क्या अपना CIBIL Score बार-बार check करने से score कम होता है?
नहीं होता,अपना score खुद check करना और lender द्वारा loan application के दौरान की गई hard enquiry एक जैसी चीज नहीं हैं।
CIBIL Score और Credit Score क्या एक ही हैं?
नहीं। Credit Score एक general term है, जबकि CIBIL Score TransUnion CIBIL द्वारा दिया गया credit score है।
CIBIL Report में गलत loan दिखाई दे तो क्या करें?
सबसे पहले report में उस account की जानकारी जांचें और फिर CIBIL की official dispute process तथा संबंधित lender के माध्यम से correction के लिए request करें।
क्या बिना CIBIL Score के Loan मिल सकता है?
हाँ, कुछ lenders ऐसे applicants को भी loan दे सकते हैं जिनकी credit history कम या उपलब्ध नहीं है। हालांकि approval और loan terms lender की policy पर निर्भर करती हैं।
क्या CIBIL Score से Loan मिलना तय हो जाता है?
नहीं। CIBIL Score loan approval में एक factor हो सकता है, लेकिन lender आपकी पूरी financial profile देखकर निर्णय लेता है।
CIBIL Score सुधारने में कितना समय लगता है?
इसका कोई एक fixed समय नहीं है। यह आपकी credit behaviour, payment history और credit report में होने वाले updates पर निर्भर करता है।
CIBIL का Full form क्या होता है?
CIBIL का Full form है Credit Information Bureau of India Limited.
मोबाइल से सिबिल कैसे चेक करें?
मोबाइल से सिबिल स्कोर चेक करने के लिए किसी भी ब्राउजर में क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाईट पर जाए,अपनि पर्सनल जानकारी
डाले,अपनी पहचान को otp से वेरीफाई करे।और डैशबोर्ड में जाकर अपना खुद का सिबिल स्कोर चेक करे।
आपने क्या सिखा ??(Conclusion)
तो दोस्तों हमारा ये इन्फर्मेशनल लेख भारत में सिबिल स्कोर क्या है (What is CIBIL Score in Hindi) कैसा लगा अगर आपको लगता है की इस लेख सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए में कुछ सुधार करने की जरुरत है,तो आप हमें कमेन्ट बॉक्स में टिपण्णी कर सकते है।
यदि आपको लगता है की हमारे ये लेख CIBIL Score क्या है और CIBIL Score in hindi पढ़ने से आपको कुछ सिखने को मिला है तो आप इस पोस्ट सिबिल स्कोर कैसे सुधारे को अपने दोस्तों के साथ facebook,whatsapp और Twitter पर शेर जरुर करियेगा।
धन्यवाद।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। Loan, credit card या किसी अन्य financial product के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक/NBFC की वर्तमान शर्तें जरूर जांचें।